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Tuesday, 31 October 2017

पति-पत्नी का पहला मिलन सुहागरात

सुहागरात का यह प्रथम मिलन केवल शारीरिक मिलन ही नहीं होता बल्कि मानसिक व आत्मिक मिलन है। इस घड़ी में दो जिस्म एक जान हो जाते हैं तथा दो जाने अब तक अलग अलग थीं। इस रात को पहली बार एक हो जाती है तथा यही घड़ी वैवाहिक जीवन की नींव का पत्थर बन जाती हैं तथा सफल जीवन के सुनहरी भविष्य का निर्माण करती है। इस रात की नींव बहुत ही मजबूत हो जानी चाहिए ताकि कभी भी थोड़ी हलचल के कारण वैवाहिक जीवन में दरार पड़ जाये। यह रात एक दूसरे को समझने की रात होती है यही कारण है कि कुछ लोग शादी होने पर शादी में आए हुए रिश्तेदारों व अन्य परिवार जनों से भरे घर पर पति पत्नी एक दूसरे को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं तथा व कहीं पर्वतीय स्थान या किसी रमणीक स्थल पर एकान्त में जाकर एक दूसरे को गहराई से जानने की जिज्ञासा रखते हैं। हनीमून या सुहागरात सभी देशों व सभी जातियों में प्रचलित है तथा सभी जगह इसका समान महत्व है।

यदि आप अपनी नई दुल्हन के सच्चे जीवन साथी न बन पाए तो सेज के साथी भी न बन पाएंगे। नई दुल्हन केवल आपको एक कामी व्यक्ति व वासना का लोभी भंवरा समझकर स्वयं को बलि का बकरा समझने लगेी इसलिए प्रथम मिलन की घडि़या जीवन की बहुत ही अनमोल घडि़या होती है। यदि अपने रूखे व्यवहार पर जल्दबाजी से कोई पुरूष अपने को संभाल नहीं पाता तो उसकी सुहागरात दुर्भाग्य रात्रि में बदल जाती है। आज के युग में लड़कियां भी शिक्षित होती हैं तथा समाज में वातावरण को भली प्रकार से समझती हैं इसी के फलस्वरूप प्रत्येक लड़की अपने विवाहित जीवन का एक शुखहाल चित्र अपने दिल दिमाग में रखती है तथा उसी चित्र के अनुसार ही अपना पति चाहती है। यदि पति अपनी नई दुल्हन के हृदय को जीत लेने में सफल हो जाता है तो निश्चय ही यह उनके वैवाहिक जीवन का शुभारंभ है। पहली रात में पति को सम्भोग के लिए कभी भी उतावला नहीं होना चाहिए बल्कि उसके प्रत्येक वस्तु जैसे रूप रंग, आंखें, होंठ, नाक, चेहरे की बनावट, कपड़ों की आदि की खूब प्रशंसा करनी चाहिए। अपनी नई दुल्हन के सामने भूलकर भी किसी दूसरी लड़की या स्त्री के सौन्दर्य, गुणों व कपड़ों आदि की प्रशंसा न करें इसके आपकी पत्नी में हीनभावना आ जाएगी तथा आपके साथ पूरा सहयोग दे पायेगी। पहले आप पत्नी के मन को वश में करे और अपने ऊपर एक सीमा तक नियंत्रण रखें, जब उसे आपका यह प्रेमी व सफल पुरूष का रूप मुग्ध कर देगा तो वह आपको खुशी व पूर्ण सहयोग के साथ अपना सर्वस्व अर्पण कर देगी। नई दुल्हन के लिए पहला सहवास कष्टदायक होता है इसलिए पहले शुरू में उसके कष्ट का ध्यान रखते हुए धीरे धीरे ही उसका संकोच झिझक दूर करने की चेष्टा करें।

प्रत्येक नवविवाहिता के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि वे अपनी सुहागरात की घड़ी में कोई शराब या नशे की वस्तु का सेवन न करें जिससे उनके आगामी विवाहित जीवन पर बुरा प्रभाव पड़े। यह रात जीवन में केवल एक ही बात आती है। इसी रात की यादें स्त्री पुरुष अपने जीवन भर के लिए गांठ में बांध लेते हैं तथा कुछ अज्ञानी लोग यही समझते हैं कि पहली रात सम्भोग में रक्त आना जरूरी है जो नववधु के कौमार्य की निशानी होती है उनकी यह धारणा बिल्कुल गलत है क्योंकि कुछ लड़कियों में योनिच्छेद की झिल्ली बहुत सख्त होती है तथा कुछ की यह झिल्ली बहुत पतली व कोमल होती है जो बचपन में खेलकूद, बस, गाड़ी में चढ़ते उतरते समय साधारण चोट से भी फट जाती है। फलस्वरूप सम्भोग से पहले ही फट चुकने के कारण रक्त आने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता इसलिए रक्त न आने पर अपनी नई दुल्हन के चरित्र का व्यर्थ ही शक नहीं करना चाहिए अन्यथा विवाहित जीवन एक दुखों की ज्वाला बनकर सारी जिन्दगी आपको जलाती रहेगी।

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Monday, 30 October 2017

जानिये जोड़ों के दर्द के नुस्खे , Jaaniye jodo ke dard ke nuskhe , Know remedies of joint pain

जानिये जोड़ों के दर्द के नुस्खे | Jaaniye jodo ke dard ke nuskhe | Know remedies of joint pain

जोड़ों का दर्द बहुत तकलीफदेह (joint pain is very painful) हो सकता है। जोड़ों की बीमारियों से दर्द और चलने-फिरने में परेशानी (problem) हो सकती है। इनमें से कुछ समस्याओं के लिए सर्जरी (surgery) की आवश्यकता होती है। लेकिन ज्यादातर जोड़ों के दर्द में राहत (for relief in joints) के लिए आप इन उपायों का अपना सकते हैं।

मसाज थैरेपी: मसाज थैरेपी (massage therapy) जोड़ों के दर्द के लिए एक आसान उपाय (easy idea) है। इससे जोड़ों के दर्द में जल्द राहत मिलती है। मसाज थैरेपी के जरिए रक्त संचार (blood circulation) शरीर में ठीक होता है और जोड़ों का सूजन (swelling in joints) कम हो जाता है। आप इसे घर पर किसी फिजियो-थैरेपिस्ट (physio therapist) की मदद से कर सकते है। फिजियो-थैरेपिस्ट से इसे सीखने के बाद आप इसे घर पर भी कर सकते है। सरसो, जैतून और नारियल तेल (coconut oil) के मसाज से जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है।

आइस थैरेफी- ice  therapy: जोड़ों के दर्द में निजात के लिए बर्फ थैरेपी से भी राहत मिलती है। 15 से 20 मिनट तक की एक दिन में कुछ बार यह थैरेपी जोड़ों के दर्द में काफी राहत देती है। यह जोड़ों के दर्द को कम करने के साथ सूजन भी कम करने में मददगार होती है।

हीट थैरेपी: प्रभावित जोड़ों के दर्द पर तीन मिनट की हीट थैरेपी काफी असरदार हो सकती है। हीट थैरेपी से सूजन जल्द कम होता है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। हीट थैरेपी किसी हॉट बैग या तौलियां के जरिए ही लिया जाना चाहिए। डायरेक्ट हीट थैरेपी से नुकसान हो सकता है।

दवाईयां: जोड़ों के दर्द के उपचार के लिए आप डॉक्टर की सलाह लेकर कुछ दवाइयों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

आराम: जोड़ों में दर्द होने की स्थिति में आराम करने से भी इससे मुक्ति मिल सकती है। आराम करने से हमारे जोड़ों और मांसपेशियों को आराम मिलता है लिहाजा दर्द जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

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Tuesday, 24 October 2017

10 दिन में मोटापा कम करने के घरेलू उपाय व आसान टिप्स

मोटापा कम करने के उपाय

आज हम आपको मोटापा कम करने के उपाय क्या हैं, इस बारे में बताने वाले हैं| मोटापा एकदम से नहीं आता| शरीर में धीरे धीरे चर्बी जमा होने लगती हैं, जब ये चर्बी बहुत अधिक हो जाती हैं, तो हमारा शरीर बेडौल हो जाता हैं| इसे ही मोटापा कहते हैं| अधिकतर लोगो के कपडे जब उन्हें टाइट आने लगते हैं, तब उन्हें पता चलता हैं, कि वो मोटे हो गये हैं|

शरीर में चर्बी जमा आसानी से हो जाती हैं, लेकिन शरीर की चर्बी को हटाकर दोवारा से सेहतमंद शरीर पाना बहुत मुश्किल होता हैं| Motapa Ghatane Ke Tips की बात करे तो मोटापा घटाने में बहुत मेहनत लगती हैं| अधिकतर लोग वजन कम करने के लिए खाना बंद कर देते हैं| उन्हें लगता हैं, कि वो खाना नहीं खायेगे तो पतले हो जायेगे, लेकिन ऐसा नहीं होता| खाना ना खाने के कारण वो लोग पतले तो नहीं होते, लेकिन बीमार जरूर हो जाते हैं|

आप Weight Kam Karne Ke Tarike हिंदी में पढ़ रहे हैं| मोटापा घटाने के लिए रोजाना व्यायाम करना पड़ता हैं| अपने खाने के तरीके में बदलाब लाना पड़ता हैं| सही समय पर संतुलित मात्रा में और शरीर के लिए लाभदायक भोजन को खाना चाहिए| खाना खाते समय ध्यान रहे की खाना कभी भी जल्दबाजी में और बिना चबाये ना खाये| बिना चबाये खाना खाने से खाना पचता नहीं हैं, और खाने का सही तरीके से ना पचना मोटापे का एक बड़ा कारण हैं|

मोटापा जितनी जल्दी हो सके कम कर लेना चाहिए, क्योंकि मोटापे के कारण ना केवल आपका शरीर देखने में बेकार लगता हैं, बल्कि आप शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी अनेक बीमारियों के शिकार भी हो जाते हैं| मोटापे के साथ साथ ये बीमारियां बढ़ती जाती हैं| मोटापा कम करना आसान नहीं, लेकिन अगर आप वास्तव में मोटापा कम करना चाहते हैं, और पूरी तरह से वजन कम करनी की कोशिश करते हैं, तो आप वजन कम कर सकते हैं|
Motapa Kam Karne Ke Upay की बात करे तो सबसे पहले आपको पौष्टिक भोजन खाना शुरू करना होगा| रोजाना योगासन और व्यायाम करना शुरू करना होगा| इसके साथ साथ हम आपको मोटापा घटाने के लिए कुछ घरेलू और असरकारक घरेलू नुस्खे बतायेगे| इन नुस्खों के इस्तेमाल से आपको मोटापा कम करने में मदद मिलेगी|

मोटापा घटाने के घरेलू उपाय (Motapa Kaise Ghataye in Hindi)

1. निम्बू पानी (Lemon Juice) – अगर आप Motapa Kam Karne Ke Upay ढूंढ़ रहे हैं, तो निम्बू पानी एक बढ़िया उपाय हैं| मोटापा कम करने के लिए रोजाना खाली पेट एक गिलास पानी में काली मिर्च पाउडर, शहद और निम्बू का रस घोलकर पियें| इस नुस्खे का उपयोग कम से कम 3 महीने तक करे|
पाचन किर्या का सही से काम ना करना मोटापे का सबसे बड़ा कारण हैं| निम्बू पानी पाचन किर्या को दुरुस्त बनाता हैं| निम्बू पानी शरीर में जमा फालतू चर्बी को जलाने के लिए जरुरी पोषक तत्व भी शरीर को प्रदान करता हैं| निम्बू पानी पीने से Metabolism कम करने वाले शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं|

2. शहद (Honey) – अधिकतर रोग गूगल पर रोजाना Jaldi Wazan Kam Karne Ka Tarika खोजते रहते हैं, ऐसे लोगो के लिए शहद एक बढ़िया उपाय हैं| शहद बाजार में आसानी से मिल जाता हैं, और शहद खाना अधिकतर लोगो को पसंद भी होता हैं| मोटापा कम करने के लिए गर्म पानी में दालचीनी और शहद मिलाकर रोजाना खाली पेट पियें| इस घरेलू नुस्खे का असर आपको कुछ ही दिनों में नजर आ जायेगा| रोजाना एक चम्मच शहद में आधी चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से भी मोटापा कम होता हैं|
3. टमाटर (Tomato) – आसानी से मिलने वाला टमाटर मोटापा घटाने में मदद करता हैं| वजन घटाने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट दो ताजे टमाटर खाये| वजन कम करने के लिए आप रोजाना टमाटर का जूस बनाकर भी पियें, इससे जल्दी फायदा होगा| टमाटर खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती हैं| टमाटर खाने के अनेक लाभ हैं, इनके बारे में हम आपको आगे बतायेगे|
4. पानी (Water) – अगर आप Wazan Kam Krny K Totky ढूंढ रहे हैं, तो आपको ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं| आसानी से मिलने वाला पानी मोटापा कम करने में पूरी तरह सहायक हैं| अगर आप मोटापा घटाना चाहते हैं, तो रोजाना खाना खाने के आधे घंटे बाद एक गिलास गुनगुने पानी को धीरे धीरे एक एक घुट करके पियें| गुनगुना पानी पेट की तेजी से सफाई करता हैं| तेजी गुनगुना पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले तत्व तेजी से शरीर से बाहर निकल जाते हैं| गुनगुने पानी में गर्म पानी पीने के और भी कई लाभ हैं, इनके बारे में हम आपको आगे बतायेगे|
5. ग्रीन टी (Green tea) – ग्रीन टी को Motapa Kam Karne Ka सबसे बढ़िया और सस्ता तरीका माना जाता हैं| एक शोध के अनुसार ग्रीन टी में एक विशेष प्रकार का तत्व पाया जाता हैं| यह तत्व शरीर में जमी वसा को कम करता हैं और शरीर में वसा को जमने से रोकता भी हैं| वजन कम करने के लिए आप रोजाना 2 से 3 कप ग्रीन टी पियें| अगर आप दुगनी तेजी से वजन कम करना चाहते हैं, तो रोजाना खाली पेट ग्रीन टी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पियें|
6. लाल मिर्च (Red chilly) – आप Motapa Ghatane Ke Tips पढ़ रहे हैं| आपको जानकर हैरानी होगी, कि भोजन में रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली लाल मिर्च आपका वजन घटा सकती हैं| एक शोध के अनुसार लाल मिर्च में मौजदू Capsaicin नामक यौगिक शरीर की ऊर्चा खपत करने की किर्या को बढ़ा देता हैं, जिससे शरीर में जमी फालतू चर्बी आसानी से पिघलने लगती हैं| मोटापा घटाने के लिए अपने भोजन में लाल मिर्च का इस्तेमाल करे|
7. एलोवेरा (Aloe vera) – एलोवेरा शरीर में मौजूद Metabolism को उत्तेजित करके शरीर की ऊर्जा की खपत को बढ़ाता हैं| इस प्रकार एलोवेरा मोटापा घटाने में सहायक हैं| एलोवेरा के सेवन से पाचन किर्या सही से काम करती हैं, और शरीर में मौजूद सभी विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं| मोटापा घटाने के लिए एलोवेरा के गुद्दे को पानी में अच्छी तरह घोलकर पियें| पानी की जगह आप अंगूर या संतरे का जूस भी इस्तेमाल कर सकती हैं| एलोवेरा जूस आप ऑनलाइन या किसी भी दुकान से आसानी से खरीद सकती हैं|
8. केला (Banana) – केले का सेवन वजन घटाने के साथ साथ वजन को बढ़ाता भी हैं| अधिकतर लोग केला वजन बढ़ाने के लिए खाते हैं, लेकिन हम आपको बतायेगे कि किस प्रकार केले का सेवन मोटापा घटाने में भी सहायक हैं| जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, वो केला खाने के बाद गर्म पानी पी ले| ऐसा करने से आपको एक महीने में ही फर्क नजर आ जायेगा|
9. सेब का सिरका (Apple vinegar) – Weight Kam Karne Ke Tarike की बात करे तो सेब का सिरका एक बेहतर घरेलू नुस्खा हैं| सेब का सिरका वसा को शरीर में जमने से रोकता हैं, और साथ ही शरीर में जमा वसा को तोड़ने का काम भी करता हैं| मोटापा कम करने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में एक चम्मच कच्चा और बिना छना सेब का सिरका मिलाकर पियें| ध्यान रहे 2 चम्मच से अधिक सेब के सिरके का एक दिन में सेवन ना करे, इससे शरीर में Potassium का स्तर कम हो जाता हैं|
10. सौंफ के बीज (Fennel seeds) – सौंफ के बीज द्वारा भी आप आसानी से अपना अतरिक्त वजन कम कर सकते हैं| वजन कम करने के लिए रोजाना गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच भुने सौंफ के बीज का पाउडर ले| भूख को कम करने के लिए आप खाना खाने के कुछ समय पहले सौंफ के बीज की चाय बनाकर भी पी सकते हैं| रात को सोने से पहले सौंफ के बीज पानी में भीगो दे और सुबह खाली पेट इस पानी सौंफ के बीज निकालकर इस पानी को पियें| इससे भी तेजी से वजन कम होता हैं| पानी से निकले सौंफ के बीज को फेके नहीं, इन्हे चबाकर खाएं|

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Friday, 13 October 2017

शीघ्रपतन का कारण और इसका इलाज बिना दवा के- Premature Ejaculation Best Treatment in Hindi

शीघ्रपतन की समस्या आज लगभग हर पुरुष की समस्या है, और पुरुष इस समस्या के समाधान के लिए कई प्रकार की दवाए भी लेते है! दवाइया उन्हें अक्सर कुछ समय के लिए ही मदद कर पाती है! इसका प्रमुख कारण और वजह क्या है और इससे केवल पुरुष ही प्रभावित होते है या महिलाये भी? आइये जानते है इससे जुड़े कुछ जरूरी तथ्य और समाधान...

शीघ्रपतन क्या है? What is Premature Ejaculation

जब कोई पुरुष शारीरिक संबंधो के समय अपने चरम पर पहुचने से पहले ही लिंग पर नियंत्रण खो कर देता है और उसका शीघ्र ही वीर्यपात हो जाता है तो उसे शीघ्रपतन कहते है! ऐसा होने पर औरत और मर्द दोनों चरमोत्कर्ष और प्यार का सुख नहीं ले पाते है! और लड़के की पार्टनर असंतुष्ट रह जाती है व पुरुष को कुंठा और निराशा होने लगती है! दोनों के लिए प्यार के वो पल बुरा स्वप्न जैसे हो जाता है!
पुरुषो की सेक्स से जुडी आम समस्या है और अधिकतर लोग इससे परेशान और जूझते हुए देखे जाते है!

शीघ्रपतन क्यों होता है और इसकी प्रमुख वजह क्या है? Reason of Premature Ejaculation

अक्सर शीघ्रपतन की मुख्या वजह शारीरिक कम मानसिक ज्यादा होती है! लोगो में दोनों या दोनों में से कोई भी एक समस्या हो सकती है!
ज्यादातर अनुभवहीन और नव युवा और वयस्कों को इस समस्या से अधिक ग्रसित देखा जाता है! जो लड़के व व्यस्क सेक्स की शुरुआत कर रहे होते है उनके दिमाग में अक्सर बिस्तर पैर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का डर अधिक होता है!

जबकि इसमे अनुभव की अधिक जरूरत होती है और युवाओ की उम्र बढ़ने के साथ साथ वो इसमे ठीक और अच्छा प्रदर्शन करने में माहिर हो जाते है! लेकिन फिर भी जरूरी नहीं की इसमे वो कामयाब होंगे ही!
क्योकि इसके पीछे मानसिक वजह भी होती है और अक्सर धार्मिक और सामाजिक प्रष्ठभूमि होती है! जहाँ सेक्स को लेकर हौवा अथवा डर होता है! जिससे युवा मानसिक रूप से उलझनों से गुजरता है! और वह बहुत तनाव, निराशा भर जाता है और अपराध बोध से ग्रस्त हो जाता है! शारीरिक संबंधो में बुरा अनुभव भी उसे परेशान कर सकता है!

इस समस्या का कारण युवक के लिंग के उपरी भाग का अधिक संवेदनशील होना, कोई लम्बी बीमारी अथवा लम्बे समय से किसी दवाई का सेवन, अधिकतर समय शारीरिक संबंधो के बारे में सोचना या लड़की के जनन अंगो के बारे में सोचना, कोई चोट लगना, मानसिक बिमारी, ड्रग्स, या शरीर में हार्मोन से जुडी समस्या का होना भी हो सकता है! जिसके कारण व्यक्ति में दिलचस्पी और आकर्षण का अनुभव ना होना हो सकता है!

शीघ्रपतन से बचने के लिए क्या कर सकते हैं? What is the Best Cure

अधिकतर मामलो में व्यक्ति स्खलन की समस्या से बचने लिए इस पर नियंत्रण विकसित करना सीख कर इस समस्या से निजाद पा सकता है! विश्राम, अथवा ध्यान बांट कर भी इस परेशानी को दूर करने में मदद मिलती है! सबसे कारगर तरीका आपस में समन्वय और स्खलन गति में परिवर्तन के जरिये इसे नियंत्रित किया जा सकता है!

आप जैल, क्रीम, व कंडोम का प्रयोग करके भी शीघ्रपतन में कमी ला सकते है! इनसे आपको संवेदनशीलता में कमी होती है जो इस समस्या में कारगर होती है!

शीघ्रपतन दोनों पार्टनर के लिए बड़ी समस्या- Problem for Both Partners

शीघ्रपतन किसी भी लड़के और उसकी प्रेमिका, अथवा पत्नी  के लिए बहुत बड़ी समस्या व किसी बुरे सपने की तरह हैI व्यक्ति जब किसी दबाव अथवा पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने की सोच के साथ सेक्स करता है तो उसे इसमे नाकामयाबी मिलती है और उसे इसमे आनंद का अनुभव नहीं हो पता है दोनों पार्टनर्स को असंतुष्ट ही रहना पड़ता है जिससे उनमे कुंठा, बेचैनी, गुस्सा, लड़ाई झगडा होने लगता है!

पुरुष को अपने पर्त्ने के सम्मुख ग्लानी होने लगती है और वो शारीरिक संबंधो से बचने की कोशिश करने लगता है! वो अपने साथी को संतुष्ट न कर पाने और इसका भरपूर आनंद न दे पाने के कारण मानसिक रूप से परेशान और दुखी होकर भटक जाता है!

समस्या पुरुषों तक ही सीमित नहीं- Women also Face Premature Ejaculation

एक रिसर्च के अनुसार बताये गए परिणमो का कहना है की ये समस्या स्त्रियों को भी तकलीफ देती है और उन्हें भी इस समस्या से लड़ना पड़ता है! लगभग 40% महिलाएं भी अपनी इच्छानुसार चरम सुख प्राप्त नहीं कर पाती है, जबकि 3 फीसदी महिलाओं ने पुरुषो की तरह शीघ्रपतन की समस्या से जूझने का दावा किया है!

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Thursday, 5 October 2017

वेजिना में होने वाले इंफेक्शन को रोकने के 10 तरीके

इस्ट औऱ फंगस हमारे वेजिना में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता हैं, लेकिन जब इनकी असामान्य रूप से संख्या में वृद्धि होने लगती है तो यह वेजिना में संक्रमण के कारण बनते हैं। इसी के कारण वेजिना में सूजन, पेशाब करते समय दर्द व जलन और खुजली की समस्या होने लगती है। वेजिना में होने वाला यह संक्रमण आपके लिए एक बहुत ही बड़ी समस्या बन सकता हैं वैसे तो वेजिना में होने वाले संक्रमण के लिए आप डॉक्टर के पास जा सकते है लेकिन अगर आप इस संक्रमण को समय पर ही रोक दे तो आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नही पड़ेगी। इस बात को तो आप भी मानेंगे कि इलाज से बेहतर रोकथाम होता है। आज हम आपको वेजिना में होने वाले इन संक्रमण के रोकथाम के लिए 10 उपाय

1. सूती अंडरवियर का प्रयोग करें
वेजिना इस्ट के संक्रमण से बचने के लिए आप सूती कपड़े से तैयार अंडरवियर का प्रयोग कर सकती हैं। सूती कपड़े की यह खुबी होती हैं कि यह आपकी वेजिना में होने वाली नमी को अवशोषित कर लेता है इतना ही नहीं इससे आपके वेजिना के क्षेत्र तक पर्याप्त मात्रा में हवा भी पहुंचती हैं। जबकि लाइक्रा या नायलॉन की अंडरवियर को पहने से पसीना आता हैं और किण्व का प्रजनन होने लगता है जिससे वेजिना में संक्रमण होने की संभावना ज्यादा होती है।

2. ढीले कपड़े पहनें
अगर आपको लगता हैं कि आपकी वेजिना में संक्रमण की समस्या होने लगी है तो अच्छा होगा की आप तंग कपड़े ना ही पहने उसके स्थान पर जितना हो सके ढीले कपड़ो का ही चुनाव करें। वैसे अगर संभव हो सके तो ढ़ीले कपड़ो में भी सूती कपड़ो का ही प्रयोग करें। इससे आपकी वेजिना में किसी तरह की संक्रमण की समस्या नही होगी।

3. सैनिटरी नैपकिन को एक समय अन्तराल पर जरुर बदलें
अगर आप अपनी सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को 4-5 घंटो के बाद बदलती हैं तो यह आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। मासिक धर्म के दौरान, हर कोई यही सलाह देता हैं कि आपको अपनी सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को 4-5 घंटे से पहले ही बदल देना चाहिए और ऐसा करने के पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारण हैं क्योकि सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को ज्यादा देर तक लगाए रखने से आपकी वेजिना में नमी होने लगती हैं। जिसके कारण आपको संक्रमण की समस्या हो सकती हैं।

4. सुगंधित वेजिना प्रॉडेक्ट का प्रयोग ना करें  
सुगंधित सैनिटरी नैपकिन और टैम्पोन का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। क्योकि इनकी खुशबू से आपके वेजिना में जीवाणुओं का एक असंतुलन बन सकता है और इसी से वेजिना में संक्रमण का खतरा बनने लगता है और इसी कारण डॉक्टर भी खुशबूदार सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन का प्रयोग करने से रोकते है।

5. हर दिन दही खाएं
दही एक ऐसा आहार हैं जो स्वस्थ बैक्टीरिया से भरा हुआ होता है और इस कारण यह आपके वेजिना को संक्रमण से भी सुरक्षित रखता है। अच्छे बैक्टीरिया वेजिना मे होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करते है तो अच्छा होगा की आप हर दिन एक कप दही का जरुर खाएं इससे आपका स्वास्थ भी अच्छा बना रहेगा और आपकी वेजिना में भी किसी भी तरह की समस्या नही होगी।

6. गर्म पानी से ना नाहाएं
वेजिना में संक्रमण की समस्या अधिक नम और गर्म स्थिति में भी होती हैं। अगर आपकी वेजिना के क्षेत्र में गर्मी बनी रहेगी तो आपको संक्रमण की समस्या हो सकती है। अगर आप चाहती है कि आपको इस तरह की समस्या ना हो तो ठंडे पानी से ही स्नान करें तथा अगर आप गर्म पानी का प्रयोग करती भी है तो उसके बाद हमेशा ढीले कपड़े ही पहने।

7. खुद को तनाव मुक्त रखने का प्रयास करें
किसी भी बीमारी या संक्रमण के बढने का सबसे बड़ा कारण आपका तनाव में रहना होता है अगर आप किसी भी ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करेगी जिसके कारण आप तनाव मुक्त रह सके तो आप किसी भी संक्रमण से बच सकती हैं।  इसके अलावा जब आपके शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता है तो आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है जिसके कारण आपका स्वास्थ खराब हो जाता हैं। अपने शरीर को आराम देने के लिए आवश्यक है कि आप पर्याप्त नींद लें। पूरे दिन काम करने के बाद आपके शरीर को कम से कम 7-8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती हैं।

8. स्वस्थ आहार खाएं
जब हमारे शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है तो हमारा शरीर कीटाणुओं और एंटीबॉडी से हमारी रक्षा करने में सक्षम नहीं हो पाता हैं। इसलिए अगर आप संतुलित आहार को अपने भोजन में शामिल करेंगे तो आपके शरीर को हर तरह के पोषक तत्व प्राप्त हो जाएंगे और आपका शरीर मजबूत बन जाएगा और वो किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में भी सक्षम हो सकेगा।

9. योनि को जरुरत से ज्यादा साफ न करें
हालांकि संक्रमण को रोकने के लिए वेजिना को स्वस्थ रखना बहुत जरुरी होता हैं। लेकिन वेजिना को कठोर साबुन से साफ नहीं करना चाहिए क्योकि हमारा वेजिना काफी संवेदनशील होता है तो अगर आप एक कोमल साबुन का प्रयोग करेंगी तो आपके वेजिना को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा।

10. एंटीबायोटिक दवाओं से बचें
अक्सर लोग बैक्टीरिया को खत्म करन के लिए एंटीबायोटिक्स का प्रयोग करते हैं। लेकिन एंटीबायोटिक्स का जरुरत से ज्यादा प्रयोग करने से हमारे शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते है इसलिए जितना संभव हो उतना एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन को सीमित करने का प्रयास करें और जब भी एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग करें तो अपने चिकित्सक से परामर्श जरुर कर लें।

अगर आप इस टिप्स का नियमित रूप से पालन करेंगे तो आप वेजिना में होने वाले संक्रमण से बच सकती है लेकिन अगर आपको वेजिना क्षेत्र में ज्यादा ही परेशानी हो रही है तो आप अपने डॉक्टर से बात कर लें नहीं तो यह समस्या बढ़ भी सकती हैं। वेजिना से संबंधित समस्याओं के बारे में बात करना किसी भी तरह से गलत नही है लेकिन अगर आप उस और ध्यान नही देगी तो आपका स्वास्थ जरुरत से ज्यादा खराब हो सकता हैं।

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Tuesday, 3 October 2017

मधुमेह रोगियों के लिए 10 प्रभावशाली घरेलू नुस्खे

मधुमेह यूं तो एक सामान्‍य बीमारी है, लेकिन यह बार अगर यह हो जाए, तो इससे पीछा नहीं छूटता। आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर इससे बच सकते हैं। आप चाहें तो कुछ घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं, जिससे कि यह रोग नियं‍त्रण में रहे। 

मधुमेह के मरीजों को खानपान का खास ध्यान रखना पड़ता है। यदि मधुमेह रोगी संतुलित खानपान लेंगे तो निश्चित तौर पर उन्हें मधुमेह कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। यदि आप भी मधुमेह से पीडि़त है तो आपको भूख से थोड़ा कम भोजन लेना चाहिए।
इससे ग्लूकोज को उपापचित करने में आसानी होगी। इसके अलावा आप भोजन में मोटा अनाज, दाल का पानी इत्यादि लेंगे तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा। आइए जानें मधुमेह रोगियों के लिए देशी नुस्खे कौन-कौन से है।
  1. मधुमेह रोगियों का आंकड़ा आज दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में आपको समय से पहले ही अपने खानपान पर ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए। खासकर उस समय जब आपके माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को मधुमेह की समस्या हो।
  2. मधुमेह रोगी को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। ऐसे में में वे नींबू पानी लेंगे तो यह उनकी सेहत के लिए और भी अच्छा होगा।
  3. मधुमेह रोगी को बहुत भूख लगती है और बार-बार कुछ न कुछ खाने का मन करता है। आपके साथ भी यदि ऐसा होता है तो कुछ भी खाने के बजाय आप भूख से थोड़ा कम खाएं और हल्का भोजन लेते हुए सलाह को ज्यादा खाएं। यानी आपको बार-बार भूख लगती है तो आप सलाद में खीरे को अधिक मात्रा में खाएं।
  4. मधुमेह रोगी में आंखे कमजोर होने की आशंका लगातार बनी रहती है। यदि आप चाहते हैं कि मधुमेह के दौरान आपकी आंखों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े तो आपको गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है।
  5. मधुमेह के रोगी को तौरी, लौकी, परमल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए।
  6. मधुमेह के दौरान शलगम के सेवन से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। शलगम को न सिर्फ आप सलाद के जरिए बल्कि शलगम की सब्जी, परांठे आदि चीजों के रूप में भी ले सकते हैं।
  7. जामुन मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है। मधुमेह रोगियों को जामुन को अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। जामुन की छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह के दौरान बेहद फायदेमंद हैं।
  8. जामुन की गुठली को बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है। यानी सिर्फ जामुन ही नहीं बल्कि जामुन की गुठली भी मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
  9. करेले का कड़वा रस मधुमेह रोगियों में शुगर की मात्रा कम करता है। मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए। शोधों में भी साबित हो चुका है कि उबले करेले का पानी, मधुमेह को जल्दीए ही दूर करने की क्षमता रखता है।
  10. मेंथी दानों का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन खाली पेट दो चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेना चाहिए। ये मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभाकरी है।
हालांकि ये सभी देशी नुस्खें मघुमेह रोगियों के लिए कारगर साबित होते हैं लेकिन फिर भी इनको लेने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लेना न भूलें।

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